Iron Gate में जंग (Rust) क्यों लगती है?
आज के इस Iron Gate Maintenance Guide में, मैं आपको वो Insider Secrets बताऊंगा…
क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके घर का सबसे महंगा और भारी-भरकम लोहे का गेट (Iron Gate) नीचे से गलना क्यों शुरू होता है?
हम गेट बनवाते वक्त डिज़ाइन देखते हैं, वज़न (Weight) देखते हैं और मज़बूती की बात करते हैं। लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन गेट लगने के बाद हम एक सबसे ज़रूरी चीज़ भूल जाते हैं—उसकी देखभाल (Maintenance)।
एक फैब्रिकेटर होने के नाते, मैंने ऐसे मज़बूत गेट्स देखे हैं जो सिर्फ सही मेंटेनेंस न मिलने के कारण 3-4 साल में ही मिट्टी बन गए। और ऐसे साधारण गेट्स भी देखे हैं जो 15 साल बाद भी नए जैसे चमक रहे हैं।
फर्क सिर्फ ‘जागरूकता’ का है।
आज के इस आर्टिकल में, मैं आपको वो Insider Secrets बताऊंगा जो अक्सर पेंटर या ठेकेदार आपको नहीं बताते। हम बात करेंगे कि लोहे के गेट को जंग (Rust) से कैसे बचाएं और उसकी लाइफ कैसे बढ़ाएं।
1. जंग (Rust) आखिर लगता क्यों है? (Science समझिए)


इससे पहले कि हम इलाज करें, बीमारी को समझना ज़रूरी है। लोहे का सबसे बड़ा दुश्मन है—नमी (Moisture) और ऑक्सीजन।
जब लोहे का संपर्क हवा और पानी से होता है, तो ‘ऑक्सीडेशन’ होता है, जिसे हम आम भाषा में ‘जंग’ कहते हैं। भारत में, जहाँ मौसम बदलता रहता है (कड़ी धूप, फिर बारिश, फिर ठंड), वहां लोहे का फैलना और सिकुड़ना (expansion and contraction) होता है। इससे पेंट में बारीक दरारें आ जाती हैं, नमी अंदर घुसती है, और लोहे को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है।
2. सबसे बड़ी गलती: “पेंट के ऊपर पेंट करना”
ज्यादातर लोग क्या करते हैं? जब गेट पुराना दिखने लगता है, तो बाज़ार से पेंट का डिब्बा लाते हैं और पुराने पेंट के ऊपर ही नया पेंट पोत देते हैं।
यह सबसे बड़ी गलती है!
अगर पुराने पेंट के नीचे ज़रा सा भी जंग लगा है, और आपने ऊपर से नया पेंट कर दिया, तो वो जंग अंदर ही अंदर फैलता रहेगा। इसे हम फैब्रिकेशन की भाषा में ‘Cancer’ कहते हैं। बाहर से गेट चमकेगा, लेकिन अंदर से पाइप गल चुकी होगी।
सही तरीका (Professional Process):
-
Scrapping (घिसाई): सबसे पहले तार वाले ब्रश (Wire Brush) या पुट्टी वाली पत्ती से पपड़ी को खुरच कर निकालें।
-
Sanding (रगड़ाई): 80 या 100 नंबर का रेगमाल (Emery Paper/Sandpaper) लें और लोहे को तब तक घिसें जब तक कि जंग हटकर साफ़ लोहा (Silver जैसा) न दिखने लगे।
-
Cleaning: अब सूखे कपड़े से पूरी धूल साफ़ करें। पानी का इस्तेमाल न करें।
3. Primer: आपके गेट का ‘कवच’ (Shield)
पेंट सिर्फ खूबसूरती के लिए है, लेकिन लोहे को जंग से बचाता है प्राइमर (Primer)।
बाज़ार में कई तरह के प्राइमर मिलते हैं, लेकिन आपको क्या लेना चाहिए?
-
Red Oxide (Metal Primer): यह सबसे कॉमन है। यह ठीक काम करता है अगर आपका बजट कम है।
-
Yellow Zinc Primer (Zinc Chromate): एक फैब्रिकेटर के तौर पर, मैं यही recommend करता हूँ। यह Red Oxide से थोड़ा महंगा होता है, लेकिन इसकी जंग रोकने की क्षमता (Anti-corrosive property) बहुत ज़्यादा होती है।
Tip: घिसाई करने के तुरंत बाद (1-2 घंटे के अंदर) प्राइमर लगा दें। अगर आपने घिस कर लोहे को रात भर छोड़ दिया, तो हवा की नमी से उस पर दोबारा ज़ंग की परत चढ़ जाएगी।
4. Painting Tips: ब्रश या स्प्रे?

प्राइमर सूखने के बाद (कम से कम 6-8 घंटे), अब बारी आती है पेंट की।
-
Enamel Paint (Oil Paint): यह सबसे ज्यादा चलता है। Asian Paints, Berger या Nerolac का फर्स्ट क्वालिटी इनेमल ही लें।
-
Spray Gun vs Brush:
-
Brush: इससे पेंट की परत (layer) मोटी चढ़ती है, जो प्रोटेक्शन के लिए अच्छी है। लेकिन इसमें ब्रश के निशान (brush marks) दिख सकते हैं।
-
Spray: इससे फिनिशिंग बहुत स्मूथ आती है और यह उन कोनों में भी पहुँच जाता है जहाँ ब्रश नहीं पहुँचता।
-
Professional Recommendation: अगर गेट में बहुत ज्यादा डिज़ाइन या पत्तियां (CNC/flowers) हैं, तो स्प्रे पेंट करवाएं। अगर गेट सिंपल पाइप वाला है, तो ब्रश से मोटा कोट लगवाएं।
5. पानी निकासी का ध्यान (Drainage Holes)
यह एक ऐसा पॉइंट है जो 99% घर वाले नहीं जानते और कई फैब्रिकेटर भी आलस कर जाते हैं।
आजकल गेट्स ‘Hollow Pipes’ (खोखले पाइप) के बनते हैं। बारिश में या धुलाई करते वक्त पानी पाइप के अंदर चला जाता है। अगर वो पानी अंदर रुका रह गया, तो गेट नीचे से गल जाएगा।
क्या करें? चेक करें कि आपके गेट के फ्रेम के सबसे निचले हिस्से में छोटे-छोटे छेद (Holes) हैं या नहीं? अगर नहीं हैं, तो ड्रिल मशीन से 2-3 जगह नीचे की तरफ छेद कर दें। ताकि जो पानी अंदर जाए, वो तुरंत बाहर निकल जाए।
6. Hinges (कब्ज़ों) की देखभाल: सिर्फ तेल मत डालिए
गेट आवाज़ कर रहा है? लोग तुरंत सरसों का तेल या मशीन का तेल डाल देते हैं। तेल कुछ दिन काम करता है, फिर सूख जाता है और धूल (dust) को पकड़ लेता है, जिससे कीचड़ बन जाता है और कब्ज़े (Hinges) कटने लगते हैं।
सही तरीका: हमेशा Grease (ग्रीस) का इस्तेमाल करें। साल में एक बार गेट को हल्का सा उठाकर उसके कब्ज़ों (Hinges/Bearing) में ग्रीस भरें। ग्रीस पानी को टिकने नहीं देता और सालों-साल चलता है।
7. मौसम और लोकेशन के हिसाब से टिप्स
अगर आप तटीय क्षेत्र (Coastal Area) में रहते हैं (जैसे मुंबई, चेन्नई, गुजरात):
हवा में नमक (Salt) होता है जो लोहे को बहुत तेज़ी से काटता है।
-
साधारण प्राइमर काम नहीं करेगा। आपको Epoxy Primer या Epoxy Paint का इस्तेमाल करना चाहिए। यह महंगा है, लेकिन समंदर किनारे यही चलता है।
-
हर 2 साल में पेंट करवाएं, इंतज़ार न करें।
अगर बारिश (Monsoon) ज्यादा होती है:
-
बारिश शुरू होने से पहले एक बार गेट को चेक करें। कहीं पेंट उखड़ा तो नहीं है?
-
अगर कहीं भी स्क्रैच है, तो उसे तुरंत ‘टच-अप’ कर दें।
8. Common Mistakes: लोग कहाँ गलती करते हैं?
-
सस्ते थिनर (Thinner) का उपयोग: पेंट को पतला करने के लिए लोग सस्ता थिनर या केरोसिन (मिट्टी का तेल) मिला देते हैं। इससे पेंट की चमक (Gloss) और मज़बूती खत्म हो जाती है। हमेशा ब्रांडेड थिनर (GP Thinner) ही यूज़ करें।
-
शाम को पेंट करना: सूरज ढलने के बाद पेंट कभी न करें। हवा में नमी आ जाती है जो पेंट और लोहे के बीच फंस जाती है। पेंट हमेशा तेज़ धूप में करें।
-
Putty का ज्यादा इस्तेमाल: गेट को चिकना दिखाने के लिए पेंटर ढेर सारी ‘NC Putty’ भर देते हैं। याद रखें, पुट्टी लोहे को नहीं पकड़ती। ज़रा सी चोट लगने पर पुट्टी पपड़ी बनकर गिर जाती है और वहां से जंग शुरू हो जाता है। पुट्टी सिर्फ जोड़ों (joints) पर हल्की सी लगाएं।
9. Cost Perspective: बचत या बर्बादी?
मान लीजिए आपका गेट 50,000 रुपये का है।
-
लापरवाही: 5 साल में गेट नीचे से गल गया। रिपेयरिंग का खर्चा: ₹10,000 + नया पेंट ₹5,000 = ₹15,000 का फटका।
-
समझदारी: हर 2 साल में 1 लीटर पेंट (₹400) + 1/2 लीटर प्राइमर (₹200) + लेबर/खुद की मेहनत = ₹1000 का खर्च।
फैसला आपका है। रेगुलर मेंटेनेंस आपको बड़े खर्चे से बचाता है।
10. Expert Golden Tips (सीधे वर्कशॉप से)
-
Tip #1: गेट के निचले 6 इंच (जो ज़मीन के पास है) पर Black Japan या Rubberized Paint (Underbody coating) का एक कोट लगा सकते हैं। यह पानी से जबरदस्त सुरक्षा देता है।
-
Tip #2: अगर गेट के पाइप्स के मुँह खुले हैं, तो उन्हें प्लास्टिक कैप (PVC Cap) या वेल्डिंग करके बंद करवाएं।
-
Tip #3: गेट के पास पेड़-पौधे हैं, तो ध्यान रखें कि उनकी टहनियाँ गेट से रगड़ न खाएं। यह पेंट को खरोंच देता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
आपका मेन गेट आपके घर की ‘First Impression’ है और आपकी सुरक्षा की पहली दीवार भी। लोहा एक बहुत मज़बूत धातु है, अगर आप उसकी थोड़ी सी देखभाल करेंगे, तो वो पीढ़ियों तक आपका साथ देगा।
आज ही अपने गेट का एक ‘इंस्पेक्शन’ करें। अगर कहीं जंग (orange/brown spots) दिख रहा है, तो बारिश का इंतज़ार न करें, इस वीकेंड ही उसे ठीक करें।
प्रो-टिप: अगर आप नया गेट बनवाने की सोच रहे हैं, तो अपने फैब्रिकेटर से Galvanized Iron (GI) Pipes का इस्तेमाल करने को कहें। यह साधारण लोहे (MS) से थोड़ा महंगा है, लेकिन इसमें जंग लगने की संभावना ना के बराबर होती है।
अगर आपको यह जानकारी काम की लगी, तो इसे अपने दोस्तों या फैमिली ग्रुप में शेयर करें, ताकि वो भी अपने घर के गेट को खराब होने से बचा सकें!